Today’s Top 10 Current Affairs in Hindi
29 जुलाई 2026 | दैनिक समसामयिकी एवं परीक्षा उपयोगी विश्लेषण
पश्चिमी घाट पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र (Western Ghats ESA)
पश्चिमी घाट (Western Ghats) विश्व के 36 प्रमुख जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक है। इसकी पारिस्थितिकी सुरक्षा के लिए 2011 में गाडगिल समिति (Gadgil Commission) की रिपोर्ट आई थी, जिसने पूरे पश्चिमी घाट को संवेदनशील घोषित करने की सिफारिश की थी। इसके विरोध के बाद, 2013 में कस्तूरीरंगन समिति (Kasturirangan Committee) का गठन किया गया, जिसने पश्चिमी घाट के कुल क्षेत्रफल का लगभग 37% (लगभग 56,800 वर्ग किमी) क्षेत्र ‘पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र’ (ESA) घोषित करने का सुझाव दिया।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEFCC) ने हाल ही में पश्चिमी घाट के राज्यों में भूस्खलन की बढ़ती घटनाओं (विशेषकर केरल के वायनाड और तटीय कर्नाटक) के बाद 56,825 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को पर्यावरण संवेदनशील क्षेत्र (Ecologically Sensitive Area – ESA) घोषित करने के लिए पुन: संशोधित अधिसूचना (Draft Notification) जारी की है। इसमें 6 राज्यों – गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु के गांव शामिल हैं।
जलवायु परिवर्तन के कारण पश्चिमी घाट में अत्यधिक वर्षा और घातक भूस्खलन की घटनाओं में वृद्धि हुई है, जिसके कारण केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ समन्वय बनाकर ESA अधिसूचना को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
- खनन व वाणिज्यिक गतिविधियों पर रोक: ESA घोषित होने के बाद इन क्षेत्रों में खनन, बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य और प्रदूषण फैलाने वाले उद्योगों पर पूर्ण प्रतिबंध होगा।
- आपदा जोखिम में कमी: नाजुक ढलानों और वनों की कटाई को रोककर भविष्य में भूस्खलन और बाढ़ के खतरों को कम किया जा सकेगा।
🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Preparation Angle)
संबंधित विषय: UPSC GS Paper-3 (पर्यावरण एवं जैव विविधता), State PSCs Pre & Mains।
संभावित प्रश्न:
- पश्चिमी घाट के संरक्षण से संबंधित गाडगिल और कस्तूरीरंगन समितियों की सिफारिशों की तुलना कीजिए।
- पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत ESA की घोषणा किस प्रकार की जाती है?
📌 मुख्य तथ्य (Key Takeaways)
- पश्चिमी घाट भारत के 6 राज्यों से होकर गुजरता है।
- कस्तूरीरंगन समिति ने 37% क्षेत्र को ESA घोषित करने की सिफारिश की थी।
- ESA की अधिसूचना पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत जारी की जाती है।
जीडीपी गणना में WPI की जगह प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) का उपयोग
भारत में वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (Real GDP) की गणना के लिए मुद्रास्फीति को समायोजित (Deflate) करने हेतु लंबे समय से थोक मूल्य सूचकांक (WPI) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) का उपयोग किया जाता रहा है। WPI केवल वस्तुओं (Goods) के मूल्यों को मापता है और इसमें सेवाएं (Services) शामिल नहीं होतीं, जबकि भारतीय अर्थव्यवस्था में सेवाओं का योगदान 50% से अधिक है।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) तथा वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय ने भारत की GDP गणना प्रणाली को अधिक सटीक बनाने के लिए उत्पादक मूल्य सूचकांक (Producer Price Index – PPI) को अपनाने की प्रक्रिया को अंतिम चरण में पहुंचा दिया है। PPI, WPI का स्थान लेगा और GDP डिफ्लेटर (GDP Deflator) के रूप में कार्य करेगा।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) और वैश्विक मानकों के अनुरूप भारतीय अर्थव्यवस्था के डेटा को अधिक पारदर्शी व यथार्थवादी बनाने के लिए GDP की नई श्रृंखला (Base Year Revision) में PPI को लागू किया जा रहा है।
- सेवा क्षेत्र का समावेशन: PPI में वस्तुओं के साथ-साथ आईटी, परिवहन, बैंकिंग जैसी सेवाओं को भी शामिल किया जाएगा।
- दोहरी गणना से बचाव: WPI में व्यापार और परिवहन मार्जिन तथा कर (Taxes) शामिल होते हैं, जिससे दोहराव होता है। PPI उत्पादक के द्वार (Factory Gate) पर मूल्य मापता है, जिससे करों का प्रभाव हट जाता है।
🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Preparation Angle)
संबंधित विषय: UPSC GS Paper-3 (भारतीय अर्थव्यवस्था), RBI Grade B, SSC CGL।
संभावित प्रश्न:
- WPI, CPI और PPI के बीच मुख्य अंतर क्या हैं?
- GDP डिफ्लेटर क्या है और यह CPI से किस प्रकार भिन्न है?
📌 मुख्य तथ्य (Key Takeaways)
- PPI खरीदार द्वारा दिए गए मूल्य के बजाय विक्रेता/उत्पादक द्वारा प्राप्त मूल्य को मापता है।
- PPI में अप्रत्यक्ष कर और परिवहन लागत शामिल नहीं होते हैं।
- WPI का संकलन वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आर्थिक सलाहकार कार्यालय (OEA) द्वारा किया जाता है।
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) में महाराष्ट्र बना शीर्ष राज्य
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (RKVY) की शुरुआत 2007 में केंद्र प्रायोजित योजना के रूप में की गई थी। इसका उद्देश्य राज्यों को कृषि और संबद्ध क्षेत्रों में सार्वजनिक निवेश बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना तथा राज्यों को अपनी कृषि योजनाओं को अनुकूलित करने की स्वायत्तता देना है। बाद में इसे RKVY-RAFTAAR (Remunerative Approaches for Agriculture and Allied Sectors Rejuvenation) के रूप में पुनर्गठित किया गया।
कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी वार्षिक प्रदर्शन रिपोर्ट के अनुसार, RKVY के तहत धन के उपयोग, कृषि बुनियादी ढांचे के निर्माण, और सूक्ष्म सिंचाई परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन में महाराष्ट्र देश भर में पहले स्थान पर रहा है।
केंद्र सरकार द्वारा RKVY के तहत जारी नवीनतम रैंकिंग और प्रदर्शन सूचकांक में महाराष्ट्र ने धन के पारदर्शी उपयोग और एग्री-स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने में सर्वोच्च अंक प्राप्त किए हैं।
- सूक्ष्म सिंचाई और ड्रिप प्रणाली: महाराष्ट्र ने कम पानी वाले क्षेत्रों (जैसे विदर्भ और मराठवाड़ा) में ड्रिप सिंचाई तकनीक के प्रसार में RKVY फंड का कुशल उपयोग किया है।
- कृषि-उद्यमिता को बढ़ावा: इस योजना के तहत युवाओं को एग्री-टेक स्टार्टअप शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की गई।
🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Preparation Angle)
संबंधित विषय: State PSCs (MPSC, UPPSC), NABARD Grade A, SSC CGL।
संभावित प्रश्न:
- RKVY-RAFTAAR योजना के मुख्य घटक क्या हैं?
- कृषि बुनियादी ढांचा कोष (AIF) और RKVY में क्या अंतर-संबंध है?
📌 मुख्य तथ्य (Key Takeaways)
- RKVY की शुरुआत: वर्ष 2007 में।
- शीर्ष राज्य: महाराष्ट्र (इसके बाद गुजरात और आंध्र प्रदेश का स्थान है)।
- यह कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत संचालित एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम और SAMARTH पोर्टल लॉन्च
73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 द्वारा भारत में पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा दिया गया था। भारत सरकार का पंचायती राज मंत्रालय लंबे समय से ग्राम पंचायतों को डिजिटल बनाने और उन्हें वित्तीय रूप से स्वायत्त बनाने के लिए ‘e-GramSwaraj’ और ‘मेरी पंचायत’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म संचालित कर रहा है।
केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने ग्रामीण क्षेत्रों में शासन को सशक्त बनाने के लिए ‘आत्मनिर्भर पंचायत कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया है। इसके साथ ही ‘SAMARTH’ (Smart Administration and Management for Rural Transformation & Holistic Growth) Portal भी लॉन्च किया गया है।
ग्राम पंचायतों के अपने राजस्व स्रोतों (Own Source Revenue – OSR) को बढ़ाने, डिजिटलीकरण को गति देने और स्थानीय सतत विकास लक्ष्यों (LSDGs) की रियल-टाइम ट्रैकिंग हेतु इस नई पहल की शुरुआत की गई है।
- वित्तीय आत्मनिर्भरता: यह कार्यक्रम पंचायतों को स्थानीय कर, शुल्क व परिसंपत्तियों के माध्यम से स्वयं का राजस्व जुटाने में प्रशिक्षित करेगा।
- पारदर्शिता व निगरानी: SAMARTH पोर्टल के माध्यम से पंचायत स्तर की विकास योजनाओं, फंड आवंटन और सिविल कार्यों की डिजिटल ट्रैकिंग की जा सकेगी।
🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Preparation Angle)
संबंधित विषय: UPSC GS Paper-2 (राजव्यवस्था एवं शासन – पंचायती राज), State PSCs।
संभावित प्रश्न:
- 73वें संविधान संशोधन की प्रमुख विशेषताओं का वर्णन करें और बताएं कि ग्राम पंचायतों की वित्तीय स्थिति कैसे सुधारी जा सकती है।
- डिजिटल गवर्नेंस किस प्रकार ग्रामीण भारत में लोकतंत्र को मजबूत कर रही है?
📌 मुख्य तथ्य (Key Takeaways)
- SAMARTH पोर्टल का उद्देश्य: ग्राम पंचायतों का क्षमता निर्माण और डिजिटल प्रबंधन।
- पंचायती राज दिवस प्रतिवर्ष 24 अप्रैल को मनाया जाता है।
- LSDGs (स्थानीय सतत विकास लक्ष्य) के तहत 9 प्रमुख विषयों पर केंद्रित विकास किया जा रहा है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) का 20वां स्थापना दिवस और नई पहल
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences – MoES) की स्थापना वर्ष 2006 में महासागर विकास विभाग (DOD), भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD), और अन्य प्रमुख संस्थानों को मिलाकर की गई थी। यह मंत्रालय मौसम पूर्वानुमान, महासागर अनुसंधान, भूकंप विज्ञान और ध्रुवीय अनुसंधान के लिए जिम्मेदार सर्वोच्च निकाय है।
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने अपना 20वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर मंत्रालय ने मौसम और जलवायु पूर्वानुमान की सटीकता बढ़ाने के लिए AI-आधारित उन्नत मॉडल ‘मौसम-AI’ (Mausam-AI) और महासागर संसाधनों के अन्वेषण के लिए नए अनुसंधान पोत (Research Vessel) की रूपरेखा प्रस्तुत की।
स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में MoES द्वारा भारत के ‘दीप ओशन मिशन’ (Deep Ocean Mission) और ‘पृथ्वी’ (PRITHVI) योजना के अंतर्गत हासिल की गई वैज्ञानिक उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया और नए डिजिटल टूल्स लॉन्च किए गए।
- सटीक मौसम पूर्वानुमान: AI और मशीन लर्निंग के एकीकरण से मानसून, चक्रवात और अत्यधिक वर्षा की सटीक भविष्यवाणी संभव होगी, जिससे आपदा प्रबंधन मजबूत होगा।
- ब्लू इकोनॉमी (Blue Economy): महासागरीय अनुसंधान भारत के तटीय आर्थिक विकास और दुर्लभ खनिजों की खोज के लिए अति-महत्वपूर्ण है।
🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Preparation Angle)
संबंधित विषय: UPSC GS Paper-3 (विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, आपदा प्रबंधन), SSC, NDA/CDS।
संभावित प्रश्न:
- भारत के ‘डीप ओशन मिशन’ के प्रमुख उद्देश्यों और इसके आर्थिक व सामरिक महत्व की चर्चा करें।
- MoES की व्यापक ‘PRITHVI’ योजना के अंतर्गत कौन-कौन से उप-कार्यक्रम शामिल हैं?
📌 मुख्य तथ्य (Key Takeaways)
- MoES की स्थापना: वर्ष 2006।
- अंब्रेला योजना: PRITHVI (Promoting Research in Earth System Sciences)।
- IMD (भारतीय मौसम विज्ञान विभाग) इसी मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
संसद में एंटी-पेपर लीक कानून और NEET विरोध प्रदर्शन विवाद
देश में प्रतियोगी और प्रवेश परीक्षाओं (जैसे NEET, UGC-NET, राज्य लोक सेवा आयोग परीक्षाएं) में पेपर लीक और धांधली के मामलों को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने वर्ष 2024 में सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 [Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024] पारित किया था।
संसद के चालू सत्र में एंटी-पेपर लीक कानून के प्रभावी कार्यान्वयन, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के पुनर्गठन और NEET-UG परीक्षा प्रणाली में सुधारों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। सरकार ने कानून के कड़े क्रियान्वयन हेतु नई मानक संचालन प्रक्रियाओं (SOPs) की घोषणा की है।
छात्र संगठनों और विपक्ष द्वारा संसद के बाहर और भीतर प्रतियोगी परीक्षाओं में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने और NTA के कामकाज की समीक्षा की मांग को लेकर लगातार विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
- कड़े दंड के प्रावधान: इस कानून के तहत पेपर लीक और संगठित अपराध में शामिल पाए जाने पर 3 से 10 वर्ष की जेल और ₹1 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है।
- संस्थागत सुधार: NTA जैसी संस्थाओं में तकनीकी सुरक्षा, कंप्यूटर-आधारित परीक्षण (CBT) को मजबूत करने और बाहरी एजेंसियों की भूमिका को सीमित करने की प्रक्रिया जारी है।
🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Preparation Angle)
संबंधित विषय: UPSC GS Paper-2 (शासन प्रणाली, शिक्षा नीति), State PSC Mains।
संभावित प्रश्न:
- सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम, 2024 के प्रमुख प्रावधानों की समीक्षा कीजिए। क्या यह कानून भारत में परीक्षा प्रणालियों की विश्वसनीयता बहाल करने में सक्षम है?
📌 मुख्य तथ्य (Key Takeaways)
- अधिनियम: Public Examinations (Prevention of Unfair Means) Act, 2024।
- यह कानून केवल परीक्षार्थियों को नहीं, बल्कि लीक कराने वाले संगठित गिरोहों और संस्थाओं को लक्षित करता है।
- अपराध गैर-जमानती (Non-Bailable) और संज्ञेय (Cognizable) बनाए गए हैं।
भारत के टॉय सेक्टर (खिलौना उद्योग) के लिए नई टास्क फोर्स
भारत पहले अपने खिलौना बाजार के लिए 80% से अधिक आयात (मुख्य रूप से चीन) पर निर्भर था। भारत को खिलौना निर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने के लिए सरकार ने 2020 में राष्ट्रीय खिलौना कार्य योजना (National Action Plan for Toys – NAPT) शुरू की और बीआईएस (BIS) गुणवत्ता नियंत्रण आदेश लागू किए।
उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने भारत के खिलौना उद्योग के निर्यात को बढ़ावा देने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारतीय कंपनियों की हिस्सेदारी बढ़ाने हेतु एक समर्पित उच्च-स्तरीय टास्क फोर्स (Task Force for Toy Sector) गठित करने की घोषणा की है।
पिछले 5 वर्षों में भारत का खिलौना आयात लगभग 52% घटा है और निर्यात में 200% से अधिक की वृद्धि हुई है। अब सरकार का लक्ष्य भारतीय खिलौनों के वैश्विक ब्रांडिंग और डिजाइन इनोवेशन को गति देना है।
- मेक इन इंडिया व एमएसएमई को बल: यह टास्क फोर्स पारंपरिक भारतीय हस्तशिल्प खिलौनों (जैसे चन्नापटना, कोंडापल्ली) और आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक खिलौना निर्माताओं को सहायता प्रदान करेगी।
- उत्पादकता सह प्रोत्साहन (PLI) योजना: खिलौना क्षेत्र के लिए PLI योजना लाने पर भी विचार किया जा रहा है।
🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Preparation Angle)
संबंधित विषय: UPSC GS Paper-3 (औद्योगिक नीति, MSME), SSC CGL, Bank Exams।
संभावित प्रश्न:
- ‘वोकल फॉर लोकल’ पहल के तहत भारत के खिलौना उद्योग के पुनरुत्थान की सफलता की व्याख्या कीजिए।
- भारत के प्रमुख पारंपरिक खिलौना क्लस्टर और उनके राज्यों का सुमेल कीजिए।
📌 मुख्य तथ्य (Key Takeaways)
- नोडल विभाग: DPIIT (वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय)।
- प्रमुख खिलौना क्लस्टर: चन्नापटना (कर्नाटक), कोंडापल्ली (आंध्र प्रदेश), वाराणसी (उत्तर प्रदेश)।
- सभी खिलौनों के लिए BIS (भारतीय मानक ब्यूरो) सुरक्षा प्रमाणन अनिवार्य है।
राष्ट्रमंडल खेल (CWG) 2026 – ग्लासगो अपडेट
राष्ट्रमंडल खेल (Commonwealth Games) हर चार साल में आयोजित होने वाली एक अंतरराष्ट्रीय बहु-खेल प्रतियोगिता है। वर्ष 2026 के 23वें संस्करण की मेजबानी पहले ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य को सौंपी गई थी, लेकिन बढ़ते खर्चों का हवाला देकर विक्टोरिया ने नाम वापस ले लिया। इसके बाद ग्लासगो (स्कॉटलैंड) को नया मेजबान शहर चुना गया।
ग्लासगो 2026 राष्ट्रमंडल खेल आयोजकों ने खेलों के अंतिम शेड्यूल और विषयों की घोषणा की है। बजट में भारी कटौती के कारण 2026 खेलों को केवल 10 मुख्य खेलों तक सीमित कर दिया गया है। इसमें हॉकी, बैडमिंटन, कुश्ती, क्रिकेट और निशानेबाजी जैसे प्रमुख खेलों को हटा दिया गया है।
कुश्ती, बैडमिंटन और हॉकी जैसे खेलों को हटाए जाने से भारत के पदक तालिका पर भारी असर पड़ने की संभावना है, क्योंकि भारत इन्हीं खेलों में सर्वाधिक पदक जीतता रहा है। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने इस पर चिंता व्यक्त की है।
- लागत-प्रभावी मॉडल: राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (CGF) अब खेलों के आयोजन को टिकाऊ और किफायती बनाने के लिए न्यूनतम बुनियादी ढांचा मॉडल अपना रहा है।
- भारत का खेल परिदृश्य: भारत को अब अपने एथलीटों को अन्य वैश्विक प्रतियोगिताओं (जैसे एशियन गेम्स और ओलंपिक) पर अधिक केंद्रित करना होगा।
🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Preparation Angle)
संबंधित विषय: Sports Current Affairs – SSC CGL, Banking, Railways, State PSC Pre।
संभावित प्रश्न:
- राष्ट्रमंडल खेल 2026 का आयोजन किस शहर में किया जा रहा है?
- प्रथम राष्ट्रमंडल खेल कब और कहाँ आयोजित किए गए थे?
📌 मुख्य तथ्य (Key Takeaways)
- CWG 2026 का मेजबान शहर: ग्लासगो, स्कॉटलैंड।
- प्रथम राष्ट्रमंडल खेल: 1930 (हैमिल्टन, कनाडा)।
- भारत ने 2010 में दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी की थी।
कृषि में ग्रीन अमोनिया / एनहाइड्रस अमोनिया उर्वरक के उपयोग को मंजूरी
भारत रासायनिक उर्वरकों (विशेषकर यूरिया) का दुनिया का सबसे बड़ा उपभोक्ता और आयातकों में से एक है। यूरिया उत्पादन में प्राकृतिक गैस का उपयोग होता है, जिससे कार्बन उत्सर्जन अधिक होता है। भारत सरकार राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन (National Green Hydrogen Mission) के माध्यम से कृषि और उद्योग को डीकार्बोनाइज करने का प्रयास कर रही है।
रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय तथा कृषि मंत्रालय ने मिट्टी में सीधे एनहाइड्रस अमोनिया (Anhydrous Ammonia) के प्रयोग और ग्रीन अमोनिया (Green Ammonia) से बने उर्वरकों के वाणिज्यिक उपयोग के दिशानिर्देशों को मंजूरी दे दी है।
पारंपरिक यूरिया की तुलना में ग्रीन अमोनिया आधारित उर्वरकों का उपयोग उर्वरक सब्सिडी बोझ को कम करने और पर्यावरण-अनुकूल खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू किया जा रहा है।
- नाइट्रोजन दक्षता (Nitrogen Efficiency): एनहाइड्रस अमोनिया में लगभग 82% नाइट्रोजन सामग्री होती है, जो यूरिया (46%) की तुलना में कहीं अधिक प्रभावी है।
- शून्य कार्बन उत्सर्जन: ग्रीन अमोनिया का निर्माण अक्षय ऊर्जा (सौर/पवन) से उत्पन्न हाइड्रोजन का उपयोग करके किया जाता है, जिससे कार्बन फुटप्रिंट में भारी कमी आती है।
🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Preparation Angle)
संबंधित विषय: UPSC GS Paper-3 (पर्यावरण, कृषि तकनीक), SSC, CAPF।
संभावित प्रश्न:
- ग्रीन अमोनिया क्या है और यह पारंपरिक अमोनिया से किस प्रकार भिन्न है?
- भारत के राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन के कृषि क्षेत्र पर पड़ने वाले प्रभावों की विवेचना कीजिए।
📌 मुख्य तथ्य (Key Takeaways)
- एनहाइड्रस अमोनिया में 82% नाइट्रोजन होता है।
- ग्रीन अमोनia का निर्माण जल के इलेक्ट्रोलाइसिस द्वारा प्राप्त ग्रीन हाइड्रोजन से होता है।
- यह पहल पीएम-प्रणाम (PM-PRANAM) योजना का समर्थन करती है।
पर्यटन मंत्रालय और एयर इंडिया का रणनीतिक समझौता
पर्यटन क्षेत्र भारत की जीडीपी और रोजगार सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। पर्यटन मंत्रालय भारत को एक पसंदीदा वैश्विक पर्यटन स्थल के रूप में बढ़ावा देने के लिए ‘इन्क्रेडिबल इंडिया’ (Incredible India) अभियान संचालित करता है। एयर इंडिया का निजीकरण (टाटा समूह द्वारा अधिग्रहण) होने के बाद इसका अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क तेजी से विस्तारित हुआ है।
केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय ने भारत में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर संयुक्त ब्रांडिंग के लिए एयर इंडिया (Air India) के साथ एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
अंतरराष्ट्रीय पर्यटन बाजार में ‘Incredible India 3.0’ अभियान को बढ़ावा देने और प्रमुख वैश्विक शहरों से भारत के लिए सीधी उड़ानों को जोड़ने के उद्देश्य से यह सार्वजनिक-निजी साझेदारी (PPP) मॉडल पर आधारित समझौता किया गया है।
- संयुक्त विपणन (Joint Marketing): दुनिया भर में एयर इंडिया के विमानों और टिकट काउंटरों पर भारत के पर्यटन स्थलों का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।
- विदेशी मुद्रा आय: विदेशी पर्यटकों के आगमन (Foreign Tourist Arrivals – FTAs) में वृद्धि से देश की विदेशी मुद्रा आय और आतिथ्य (Hospitality) क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Preparation Angle)
संबंधित विषय: Banking (General Awareness), SSC CGL, State PSC Pre।
संभावित प्रश्न:
- हाल ही में पर्यटन मंत्रालय ने ‘इन्क्रेडिबल इंडिया’ अभियान के प्रचार हेतु किस एयरलाइन के साथ समझौता किया है?
- भारत की जीडीपी में पर्यटन क्षेत्र का वर्तमान योगदान कितना है?
📌 मुख्य तथ्य (Key Takeaways)
- साझेदारी: पर्यटन मंत्रालय + एयर इंडिया (टाटा समूह)।
- अभियान: Incredible India 3.0।
- विश्व पर्यटन दिवस: प्रतिवर्ष 27 सितंबर को मनाया जाता है।
📝 दैनिक अभ्यास प्रश्नोत्तरी (Practice Quiz) 10 MCQs
आज के टॉप 10 करेंट अफेयर्स पर आधारित सम्भावित प्रश्न। पहले स्वयं प्रयास करें, फिर उत्तर देखें।
👉 सही उत्तर एवं व्याख्या देखें
व्याख्या: वर्ष 2013 में गठित कस्तूरीरंगन समिति ने पश्चिमी घाट के 37% क्षेत्र (लगभग 56,800 वर्ग किमी) को ESA घोषित करने की सिफारिश की थी। गाडगिल समिति (2011) ने पूरे पश्चिमी घाट को संवेदनशील माना था।
👉 सही उत्तर एवं व्याख्या देखें
व्याख्या: WPI में केवल वस्तुएँ शामिल होती हैं, जबकि भारतीय अर्थव्यवस्था में सेवाओं का योगदान 50% से अधिक है। PPI सेवाओं को शामिल करता है और टैक्स व ट्रांसपोर्ट मार्जिन को हटाकर केवल उत्पादक द्वार (Factory Gate) के वास्तविक मूल्य को मापता है।
👉 सही उत्तर एवं व्याख्या देखें
व्याख्या: कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, महाराष्ट्र ने RKVY योजना के तहत धन के पारदर्शी उपयोग, ड्रिप सिंचाई और एग्री-स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने में सर्वोच्च प्रदर्शन किया है।
👉 सही उत्तर एवं व्याख्या देखें
व्याख्या: SAMARTH पोर्टल को ग्राम पंचायतों के प्रशासन को स्मार्ट बनाने, स्वयं का राजस्व (Own Source Revenue) जुटाने में मदद करने और विकास कार्यों की रियल-टाइम डिजिटल ट्रैकिंग हेतु लॉन्च किया गया है।
👉 सही उत्तर एवं व्याख्या देखें
व्याख्या: 2006 में स्थापित पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (MoES) ने अपने 20वें स्थापना दिवस पर मानसून और चक्रवातों की सटीक भविष्यवाणी के लिए AI-आधारित ‘मौसम-AI’ मॉडल पेश किया।
👉 सही उत्तर एवं व्याख्या देखें
व्याख्या: इस कानून के तहत यदि कोई संगठित गिरोह पेपर लीक में शामिल पाया जाता है, तो 5 से 10 वर्ष तक की जेल और न्यूनतम ₹1 करोड़ के जुर्माने का कड़ा प्रावधान है।
👉 सही उत्तर एवं व्याख्या देखें
व्याख्या: उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) ने भारतीय खिलौना क्षेत्र को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में स्थापित करने और हस्तशिल्प क्लस्टरों के समर्थन हेतु टास्क फोर्स का गठन किया है।
👉 सही उत्तर एवं व्याख्या देखें
व्याख्या: बजट चिंताओं के कारण ऑस्ट्रेलिया के हटने के बाद ग्लासगो को मेजबानी मिली। लागत घटाने के लिए खेलों की संख्या केवल 10 कर दी गई है, जिससे हॉकी, कुश्ती और बैडमिंटन जैसे खेल बाहर हो गए हैं।
👉 सही उत्तर एवं व्याख्या देखें
व्याख्या: एनहाइड्रस अमोनिया में लगभग 82% नाइट्रोजन सामग्री होती है, जो पारंपरिक यूरिया (46% नाइट्रोजन) की तुलना में बहुत अधिक कुशल और प्रभावी है।
👉 सही उत्तर एवं व्याख्या देखें
व्याख्या: पर्यटन मंत्रालय ने अंतरराष्ट्रीय पर्यटन को बढ़ावा देने और विदेशों से सीधी कनेक्टिविटी के जरिए पर्यटकों को भारत आकर्षित करने के लिए एयर इंडिया के साथ PPP मॉडल पर आधारित समझौता किया है।
🔗 महत्वपूर्ण आधिकारिक संदर्भ एवं उपयोगी लिंक (Official Resources)
गहन अध्ययन एवं प्रामाणिक डेटा सत्यापन के लिए संबंधित मंत्रालयों व आधिकारिक पोर्टल्स पर जाएं:
