Daily Current Affairs – 24 July 2026

Today’s Top Current Affairs in Hindi – 24 July 2026
24 जुलाई 2026

Today’s Top Current Affairs in Hindi

सरकारी परीक्षाओं (UPSC, SSC, Banking, Railway, State PCS) के लिए दैनिक समसामयिक विषय एवं विस्तृत परीक्षा विश्लेषण
अर्थव्यवस्था (Economy)

1. RBI का पॉलीमर (प्लास्टिक) करेंसी लाने का निर्णय

📰 समाचार/मुख्य जानकारी

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सहायक इकाई भारतीय रिजर्व बैंक नोट मुद्रण प्राइवेट लिमिटेड (BRBNMPL) ने उन्नत सुरक्षा सुविधाओं वाले BOPP (Biaxially Oriented Polypropylene) पॉलीमर सबस्ट्रेट आधारित बैंक नोटों की आपूर्ति के लिए वैश्विक रुचि की अभिव्यक्ति (EOI) आमंत्रित की है। प्राथमिक चरण में ₹10 और ₹20 मूल्यवर्ग के कागजी नोटों के स्थान पर पॉलीमर आधारित प्लास्टिक नोट पेश करने की योजना है।

📜 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

विश्व में सर्वप्रथम 1988 में ऑस्ट्रेलिया ने पॉलीमर बैंक नोट जारी किए थे। भारत में, RBI ने 2009-10 में पहली बार देश के 5 चुनिंदा शहरों (कोच्चि, मैसूर, जयपुर, शिमला और भुवनेश्वर) में ₹10 के 1 अरब पॉलीमर नोटों का फील्ड ट्रायल करने का निर्णय लिया था। कागजी नोटों की सीमित आयु और गंदे नोटों को बदलने की भारी लागत को देखते हुए यह कदम उठाया जा रहा है।

🌍 समसामयिक प्रासंगिकता

भारत में छोटे मूल्यवर्ग के कॉटन-पेपर नोट तेज़ी से खराब हो जाते हैं। पॉलीमर नोट पानी, गंदगी और नमी के प्रति प्रतिरोधी होते हैं। यह कदम RBI की ‘क्लीन नोट पॉलिसी’ को मजबूती देगा और नोटों के पुनर्मुद्रण (re-printing) तथा निपटान की वार्षिक लागत को काफी हद तक कम करेगा।

🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Perspective)
UPSC Banking SSC
  • UPSC Prelims/Mains: RBI अधिनियम 1934 की धारा 22 (नोट निर्गमन एकाधिकार), मुद्रा प्रबंधन लागत और डिजिटल ई-रुपया (e-Rupee) के साथ इसका संबंध।
  • Banking & SSC: BRBNMPL की स्थापना (1995), मुख्यालय (बेंगलुरु), प्रेस स्थान (मैसूर और सालबोनी)।
📊 मुख्य तथ्य और आंकड़े
पैरामीटर विवरण / आंकड़े
नोट सबस्ट्रेट सामग्री BOPP (Biaxially Oriented Polypropylene)
पॉलीमर नोटों की जीवन अवधि कॉटन-पेपर की तुलना में 2.5 से 4 गुना अधिक
वार्षिक मुद्रा प्रबंधन लागत लगभग ₹5,000 करोड़ (RBI)
प्रस्तावित मूल्यवर्ग ₹10 एवं ₹20
❓ संभावित प्रश्न: “BOPP पॉलीमर नोटों के मुख्य लाभ क्या हैं और BRBNMPL का मुख्यालय कहाँ स्थित है?”
अंतर्राष्ट्रीय संबंध (International Relations)

2. IIT मद्रास जंजीबार कैम्पस का मास्टर प्लान

📰 समाचार/मुख्य जानकारी

तंजानिया के जंजीबार के राष्ट्रपति डॉ. हुसैन अली म्विनी की भारत यात्रा के दौरान फुम्बा प्रायद्वीप (Fumba Peninsula), जंजीबार में 200 एकड़ में फैले IIT मद्रास जंजीबार परिसर के व्यापक मास्टर प्लान का अनावरण किया गया। यह किसी भी भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) का पहला विदेशी परिसर (First International IIT Campus) है।

📜 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 में भारतीय शिक्षा प्रणाली के अंतर्राष्ट्रीयकरण का रोडमैप तैयार किया गया था। जुलाई 2023 में भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय, IIT मद्रास और जंजीबार के शिक्षा मंत्रालय के बीच समझौता हुआ था। नवंबर 2023 से यहाँ शैक्षणिक सत्र शुरू हुआ, जिसकी पहली महिला निदेशक प्रो. प्रीति अघालसम बनीं।

🌍 समसामयिक प्रासंगिकता

यह पहल भारत की ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) नेतृत्व रणनीति और ‘साउथ-साउथ कोऑपरेशन’ का प्रमुख उदाहरण है। शिक्षा कूटनीति के माध्यम से अफ़्रीकी महाद्वीप में भारत के प्रभाव में वृद्धि होगी और डेटा साइंस व एआई जैसे उन्नत विषयों में स्थानीय युवाओं को प्रशिक्षण मिलेगा।

🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Perspective)
UPSC SSC
  • UPSC GS-2: भारत-अफ्रीका संबंध, शिक्षा का अंतर्राष्ट्रीयकरण, NEP 2020 के प्रावधान।
  • SSC/State PCS: प्रथम विदेशी IIT परिसर (जंजीबार, तंजानिया), पहली महिला निदेशक (प्रो. प्रीति अघालसम)।
📊 मुख्य तथ्य और आंकड़े
विशेषता विवरण
स्थान एवं क्षेत्रफल फुम्बा प्रायद्वीप, जंजीबार (200 एकड़)
संबद्ध IIT संस्थान IIT मद्रास (IIT Madras)
कैम्पस की पहली निदेशक प्रो. प्रीति अघालसम (Prof. Preeti Aghalayam)
तंजानिया की राजधानी एवं मुद्रा डोडोमा (Dodoma) / तंजानियाई शिलिंग
❓ संभावित प्रश्न: “भारत के बाहर स्थापित होने वाला पहला IIT परिसर कौन सा है और यह किस देश में स्थित है?”
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (Sci-Tech)

3. ‘UNNATI AI 2.0’ पहल का शुभारंभ

📰 समाचार/मुख्य जानकारी

इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने राष्ट्रीय ‘IndiaAI’ मिशन के तहत UNNATI AI 2.0 (Universal Network for Nurturing Artificial Intelligence Talent & Innovation) पहल की शुरुआत की। इसका उद्देश्य टियर-2 और टियर-3 शहरों में AI टैलेंट विकसित करना और स्थानीय स्टार्टअप्स को कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर प्रदान करना है।

📜 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

मार्च 2024 में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ₹10,372 करोड़ के वित्तीय परिव्यय के साथ राष्ट्रीय IndiaAI Mission की मंजूरी दी थी। UNNATI 1.0 के तहत केंद्रीय स्तर पर AI कंप्यूटिंग ग्रिड विकसित की गई थी। UNNATI 2.0 इस क्षमता का छोटे शहरों में विस्तार करता है।

🌍 समसामयिक प्रासंगिकता

तकनीकी विकास को केवल बड़े शहरों (बेंगलुरु, हैदराबाद) तक सीमित रखने के बजाय टियर-2/3 शहरों के छात्रों को AI क्रांति से जोड़ना। यह पहल ‘भाषिणी’ (Bhashini) परियोजना के साथ मिलकर भारतीय भाषाओं में AI मॉडल विकसित करने में मदद करेगी।

🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Perspective)
UPSC Banking SSC
  • UPSC GS-3: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का समावेशी विकास और IndiaAI मिशन के 7 स्तम्भ।
  • Banking & SSC: MeitY के प्रमुख डिजिटल कार्यक्रम, कंप्यूट क्षमता (10,000+ GPUs)।
📊 मुख्य तथ्य और आंकड़े
घटक विवरण / लक्ष्य
नोडल मंत्रालय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)
IndiaAI मिशन बजट ₹10,372 करोड़
लक्षित संस्थान टियर-2/3 शहरों के 500+ तकनीकी संस्थान
कंप्यूट इंफ्रास्ट्रक्चर लक्ष्य 10,000+ GPU (Graphics Processing Units)
❓ संभावित प्रश्न: “IndiaAI मिशन का कुल वित्तीय परिव्यय कितना है और UNNATI AI 2.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है?”
पर्यावरण एवं खनन (Environment & Mining)

4. ‘AAROH’ रिपोर्ट और Coal NEER प्रोजेक्ट

📰 समाचार/मुख्य जानकारी

कोयला मंत्रालय ने बंद कोयला खदानों के वैज्ञानिक समापन और पारिस्थितिक बहाली के लिए ‘AAROH: Annual Report on Mine Closure and Ecological Restoration’ जारी की। साथ ही Coal India Limited (CIL) ने ‘Coal NEER’ पहल के तहत खदानों के पानी को उपचारित कर ग्रामीणों को आपूर्ति करने के संयंत्रों का विस्तार किया।

📜 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में 1973 में कोयला खदानों का राष्ट्रीयकरण हुआ। 2009 में ‘माइन क्लोजर गाइडलाइंस’ अनिवार्य किए गए थे। भारत के ‘पंचामृत’ संकल्पों (2070 तक शुद्ध-शून्य उत्सर्जन) के तहत खनन गतिविधियों के बाद भूमि की मूल स्थिति में वापसी अनिवार्य है।

🌍 समसामयिक प्रासंगिकता

‘Coal NEER’ के जरिए लाखों लीटर खदान जल का शोधन कर सिंचाई और पेयजल के लिए दिया जा रहा है। ‘AAROH’ रिपोर्ट खनन से प्रभावित क्षेत्रों में **’जस्ट ट्रांजिशन’ (Just Transition)** सुनिश्चित करने का ढांचा पेश करती है।

🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Perspective)
UPSC Railway SSC
  • UPSC GS-3: सतत खनन (Sustainable Mining), पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA)।
  • SSC/Railway: कोल इंडिया लिमिटेड (CIL – महारत्न कंपनी, 1975), AAROH रिपोर्ट जारीकर्ता मंत्रालय।
📊 मुख्य तथ्य और आंकड़े
सूचक विवरण
उपचारित खदान जल (Coal NEER) वार्षिक 400+ मिलियन क्यूसेक लीटर
पारिस्थितिक पुनर्वास क्षेत्र 10,000+ हेक्टेयर जैविक रूप से बहाल भूमि
कोल इंडिया लिमिटेड का दर्जा महारत्न पीएसयू (Coal India Limited)
❓ संभावित प्रश्न: “AAROH रिपोर्ट किस मंत्रालय द्वारा जारी की जाती है और ‘Coal NEER’ परियोजना का संबंध किससे है?”
कृषि एवं हरित वित्त (Agri & Green Finance)

5. NABARD और MAHAPREIT का समझौता

📰 समाचार/मुख्य जानकारी

राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (NABARD) ने महाराष्ट्र सरकार के उपक्रम MAHAPREIT के साथ समझौता (MoU) किया। इसके तहत बायो-सीएनजी, सौर-संचालित माइक्रो कोल्ड स्टोरेज और एग्रो-वेस्ट प्रोसेसिंग परियोजनाओं के लिए रियायती हरित वित्त पोषण (Green Financing) दिया जाएगा।

📜 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

NABARD की स्थापना 12 जुलाई 1982 को बी. शिवरामन समिति की सिफारिश पर हुई थी। सरकार का SATAT अभियान 2018 में शुरू हुआ था, जिसका उद्देश्य कृषि अवशेषों से 5,000 कंप्रेस्ड बायो-गैस (CBG) प्लांट लगाना है।

🌍 समसामयिक प्रासंगिकता

पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने के लिए एग्रो-वेस्ट से बायो-सीएनजी बनाना एक बेहतरीन विकल्प है। सौर-संचालित कोल्ड स्टोरेज दूरदराज के गांवों में फसलों के नुकसान (Post-Harvest Losses) को काफी कम करेंगे।

🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Perspective)
Banking UPSC
  • Banking Exams: NABARD का स्वामित्व (100% भारत सरकार), RIDF कोष, प्राथमिकता प्राप्त क्षेत्र ऋण (PSL)।
  • UPSC GS-3: सर्कुलर इकोनॉमी (Circular Economy) और एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड।
📊 मुख्य तथ्य और आंकड़े
मापदंड विवरण
NABARD की स्थापना 12 जुलाई 1982 (शिवरामन समिति)
साझेदार संस्था MAHAPREIT (महाराष्ट्र सरकार)
बायो-सीएनजी में मुख्य घटक मीथेन (Methane – CH4 > 90%)
लक्षित इकाइयां 200+ एग्रो-सोलर कोल्ड स्टोर एवं 50 CBG प्लांट
❓ संभावित प्रश्न: “नाबार्ड की स्थापना किस समिति की सिफारिश पर की गई थी और CBG में मुख्य गैस कौन सी होती है?”
रक्षा प्रौद्योगिकी (Defence Tech)

6. DRDO का ‘प्रोजेक्ट कुशा’ (LRSAM Flight Test)

📰 समाचार/मुख्य जानकारी

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने लंबी दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल (LRSAM) प्रणाली ‘प्रोजेक्ट कुशा’ का सफल परीक्षण पूरा किया। यह मिसाइल दुश्मन के जेट्स, ड्रोनों और बैलिस्टिक मिसाइलों को 350 किमी दूर ही नष्ट करने में सक्षम है।

📜 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

प्रोजेक्ट कुशा को 2022 में मंजूरी दी गई थी। इसे भारत का अपना ‘S-400’ या ‘आयरन डोम’ विकल्प माना जा रहा है। DRDO (स्थापना: 1958) ने इससे पहले आकाश, MRSAM और QRSAM प्रणालियां तैयार की हैं।

🌍 समसामयिक प्रासंगिकता

सीमाओं पर बढ़ते हवाई खतरों के बीच त्रि-स्तरीय लंबी दूरी की वायु रक्षा प्रणाली देश की सुरक्षा के लिए जरूरी है। यह प्रणाली भारत को विदेशी रक्षा आयात पर निर्भरता खत्म करने में मदद करेगी।

🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Perspective)
UPSC SSC Railway
  • UPSC GS-3: भारत की वायु रक्षा अवसंरचना और स्टील्थ मिसाइल रोधी क्षमता।
  • SSC/Railway: DRDO का मुख्यालय (नई दिल्ली), मोटो (“बलस्य मूलं विज्ञानम्”), प्रोजेक्ट कुशा की रेंज (350 किमी)।
📊 मुख्य तथ्य और आंकड़े
विशेषता विवरण
परियोजना का नाम प्रोजेक्ट कुशा (Project Kusha – LRSAM)
अधिकतम मारक क्षमता 350 किलोमीटर
विकासकर्ता एजेंसी DRDO (रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन)
लक्ष्य क्षमता स्टील्थ जेट, क्रूज/बैलिस्टिक मिसाइल, UAVs
❓ संभावित प्रश्न: “‘प्रोजेक्ट कुशा’ क्या है और इसकी अधिकतम मारक दूरी कितनी है?”
कौशल विकास एवं शासन (Skill & Governance)

7. NCVET और NIRDPR की साझेदारी

📰 समाचार/मुख्य जानकारी

राष्ट्रीय व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण परिषद (NCVET) ने ग्रामीण विकास मंत्रालय के तहत संस्थान **NIRDPR (National Institute of Rural Development and Panchayati Raj)** को एक ‘अवार्डिंग बॉडी (Dual Category)’ के रूप में मान्यता प्रदान की है।

📜 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

NCVET की स्थापना 2018 में कौशल विकास मंत्रालय (MSDE) के तहत व्यावसायिक शिक्षा के विनियामक के रूप में की गई थी। NIRDPR (स्थापना: 1958, मुख्यालय: हैदराबाद) ग्रामीण विकास और पंचायती राज पर शोध का शीर्ष संस्थान है।

🌍 समसामयिक प्रासंगिकता

ग्रामीण युवाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को ‘लखपति दीदी’ योजना के तहत मिलने वाले प्रशिक्षण को अब राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) के तहत मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र दिए जा सकेंगे।

🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Perspective)
UPSC SSC
  • UPSC GS-2: ग्रामीण विकास, पंचायती राज संस्थाएं (73वां संशोधन), कौशल भारत योजनाएं।
  • SSC/State PCS: NIRDPR का मुख्यालय (हैदराबाद), NCVET की भूमिका।
📊 मुख्य तथ्य और आंकड़े
संस्थान विवरण
NIRDPR का मुख्यालय हैदराबाद, तेलंगाना
संबंधित केंद्रीय मंत्रालय ग्रामीण विकास मंत्रालय (Ministry of Rural Development)
NCVET का नोडल मंत्रालय कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE)
❓ संभावित प्रश्न: “NIRDPR का मुख्यालय कहाँ स्थित है और व्यावसायिक शिक्षा का विनियामक निकाय कौन सा है?”
कृषि एवं व्यापार (Agri & Trade)

8. कॉटन (कपास) पर केंद्रीय फैक्टशीट

📰 समाचार/मुख्य जानकारी

केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय ने भारतीय कपास क्षेत्र पर एक फैक्टशीट जारी की, जिसमें कपास को भारत का **”व्हाइट गोल्ड” (White Gold)** बताया गया। आंकड़ों के अनुसार, भारतीय कपास कपड़ों के निर्यात में USA (26.35%) सबसे बड़ा बाजार है, जबकि बांग्लादेश दूसरे स्थान पर है।

📜 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत में कपास की खेती सिंधु घाटी सभ्यता से हो रही है। भारत दुनिया का सबसे बड़ा कपास उत्पादक है। 2020 में भारत सरकार ने **”कस्तूरी कॉटन भारत” (Kasturi Cotton India)** ब्रांड नाम से प्रीमियम कॉटन लॉन्च किया था।

🌍 समसामयिक प्रासंगिकता

कपड़ा उद्योग कृषि के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा रोजगार दाता है। लगभग 60 लाख किसान और 4.5 करोड़ लोग इससे जुड़े हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में टिकाऊ (Sustainable) कपास की मांग तेजी से बढ़ रही है।

🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Perspective)
UPSC SSC Railway
  • UPSC Geography/GS-3: कपास की फसल की स्थितियां (काली मिट्टी, 21°C-30°C तापमान, 210 पाला-रहित दिन)।
  • SSC/Banking/Railway: शीर्ष निर्यातक गंतव्य (USA – 26.35%), कॉटन कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (CCI) का मुख्यालय (नवी मुंबई)।
📊 मुख्य तथ्य और आंकड़े
पैरामीटर आंकड़ा / विवरण
शीर्ष निर्यातक बाजार (USA) 26.35% हिस्सेदारी
द्वितीय निर्यातक बाजार (बांग्लादेश) 19.81% हिस्सेदारी
संलग्न आजीविका 60 लाख किसान + 4.5 करोड़ कार्यकर्ता
भारतीय प्रीमियम कॉटन ब्रांड कस्तूरी कॉटन भारत (Kasturi Cotton India)
❓ संभावित प्रश्न: “भारतीय कपास कपड़ों का सबसे बड़ा निर्यातक देश कौन सा है और कपास के लिए कितने पाला-रहित दिनों की आवश्यकता होती है?”
वैश्विक सूचकांक (Global Reports)

9. UN की भुखमरी रिपोर्ट (SOFI 2026 / SDG 2)

📰 समाचार/मुख्य जानकारी

संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन (FAO) द्वारा जारी ‘State of Food Security and Nutrition in the World (SOFI) 2026’ रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक भुखमरी की दर 2015 के 8.0% से घटकर 7.8% हो गई है, लेकिन 2030 तक ‘Zero Hunger’ पाना चुनौतीपूर्ण है।

📜 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

2015 में तय किए गए 17 सतत विकास लक्ष्यों में **SDG 2** का लक्ष्य 2030 तक भुखमरी को पूरी तरह समाप्त करना है। SOFI रिपोर्ट FAO, IFAD, UNICEF, WFP और WHO द्वारा संयुक्त रूप से प्रकाशित की जाती है।

🌍 समसामयिक प्रासंगिकता

जलवायु संकट और युद्धों के कारण खाद्य सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। भारत की ‘प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना’ (PMGKAY) को भुखमरी रोकने में एक प्रभावी सुरक्षा कवच माना जाता है।

🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Perspective)
UPSC SSC Banking
  • UPSC GS-2: खाद्य सुरक्षा, NFSA 2013, FAO और WFP की भूमिका।
  • SSC/Banking: FAO का मुख्यालय (रोम, इटली), स्थापना (16 अक्टूबर 1945), SDG 2 का लक्ष्य।
📊 मुख्य तथ्य और आंकड़े
पैरामीटर आंकड़े / विवरण
वर्तमान वैश्विक भुखमरी दर (2026) 7.8% (लगभग 733 मिलियन लोग)
2015 में भुखमरी दर 8.0%
संबंधित सतत विकास लक्ष्य SDG 2 (Zero Hunger)
FAO मुख्यालय एवं स्थापना रोम (इटली) / 16 अक्टूबर 1945
❓ संभावित प्रश्न: “SOFI रिपोर्ट किसके द्वारा जारी की जाती है और भुखमरी समाप्त करने का SDG लक्ष्य नंबर कौन सा है?”
खेल समाचार (Sports News)

10. राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Glasgow CWG)

📰 समाचार/मुख्य जानकारी

स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित होने वाले **राष्ट्रमंडल खेल 2026 (Glasgow CWG 2026)** के क्वालीफाइंग दौरों में भारतीय एथलीटों ने मुक्केबाजी, तैराकी और पैरा-पावरलिफ्टिंग में आधिकारिक कोटा हासिल किए।

📜 ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

प्रथम राष्ट्रमंडल खेल 1930 में हैमिल्टन (कनाडा) में हुए थे। भारत ने पहली बार 1934 (लंदन) राष्ट्रमंडल खेलों में भाग लिया। भारत ने 2010 में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों की सफल मेजबानी की थी (101 पदक जीते थे)।

🌍 समसामयिक प्रासंगिकता

‘खेलो इंडिया’ और TOPS (Target Olympic Podium Scheme) पहल से भारतीय एथलीटों और पैरा-खिलाड़ियों के प्रदर्शन में निरंतर सुधार आया है।

🎯 परीक्षा की दृष्टि से (Exam Perspective)
SSC Railway Banking
  • SSC/Railway: CWG 2026 का आयोजक शहर (ग्लासगो, स्कॉटलैंड), प्रथम CWG (1930)।
  • General Awareness: CWG 2022 का आयोजन स्थल (बर्मिंघम, यूके)।
📊 मुख्य तथ्य और आंकड़े
विवरण तथ्य
CWG 2026 का आयोजन स्थल ग्लासगो, स्कॉटलैंड (Glasgow, Scotland)
प्रथम राष्ट्रमंडल खेल 1930 (हैमिल्टन, कनाडा)
भारत की सर्वाधिक सफल मेजबानी 2010 (नई दिल्ली – 101 पदक)
CWG 2022 आयोजन स्थल बर्मिंघम (ब्रिटेन)
❓ संभावित प्रश्न: “राष्ट्रमंडल खेल 2026 का आयोजन किस शहर में किया जा रहा है और भारत ने पहली बार किस वर्ष CWG में भाग लिया था?”

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top