1. नीति आयोग का सतत विकास लक्ष्य (SDG) इंडिया इंडेक्स 2026
- तारीख और स्थान: 2 जुलाई 2026, नई दिल्ली
- वर्तमान परिस्थिति: नीति आयोग ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रदर्शन को आंकने के लिए अपना वार्षिक ‘SDG इंडिया इंडेक्स 2025-26’ जारी किया है। इस सूचकांक में केरल और तमिलनाडु ने शीर्ष स्थान बरकरार रखा है, जबकि स्वच्छ ऊर्जा और लैंगिक समानता के क्षेत्रों में देश के औसत स्कोर में सुधार दर्ज किया गया है।
- परीक्षा से जुड़े मुख्य बिंदु:
- सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की कुल संख्या 17 है, जिन्हें 2030 तक हासिल करना है।
- नीति आयोग इस सूचकांक को जारी करने वाली नोडल एजेंसी है।
- परीक्षाओं में शीर्ष और सबसे निचले पायदान वाले राज्यों के नाम और संबंधित इंडिकेटर्स पूछे जाते हैं।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: नीति आयोग ने इस इंडेक्स की शुरुआत वर्ष 2018 में की थी ताकि सहकारी और प्रतिस्पर्धी संघवाद को बढ़ावा दिया जा सके।
- प्रभाव और भविष्य: यह रिपोर्ट राज्यों को अपनी नीतिगत कमियों को सुधारने और वैश्विक मंच पर भारत की प्रतिबद्धता को मजबूत करने में मदद करेगी।
2. इसरो (ISRO) द्वारा EOS-08 उपग्रह का सफल प्रक्षेपण
- तारीख और स्थान: 1 जुलाई 2026, सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र, श्रीहरिकोटा
- वर्तमान परिस्थिति: भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने अपने लघु उपग्रह प्रक्षेपण यान (SSLV) की मदद से पृथ्वी अवलोकन उपग्रह (EOS-08) को उसकी निर्धारित कक्षा में सफलतापूर्वक स्थापित किया। यह उपग्रह आपदा प्रबंधन, कृषि निगरानी और वानिकी के लिए हाई-रिजॉल्यूशन डेटा प्रदान करेगा।
- परीक्षा से जुड़े मुख्य बिंदु:
- SSLV (Small Satellite Launch Vehicle): यह इसरो का तीन चरणों वाला पूरी तरह से ठोस ईंधन आधारित रॉकेट है।
- EOS-08: इसमें इन्फ्रारेड इमेजिंग और पर्यावरण निगरानी के लिए पेलोड शामिल हैं।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: इसरो ने पीएसएलवी और जीएसएलवी के पूरक के रूप में छोटे वाणिज्यिक उपग्रहों को तेजी से लॉन्च करने के लिए SSLV कार्यक्रम विकसित किया है।
- प्रभाव और भविष्य: इससे भारत के वाणिज्यिक अंतरिक्ष बाजार (NewSpace India Limited – NSIL) को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी और कम लागत में उपग्रह लॉन्चिंग क्षमता बढ़ेगी।
3. शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन 2026
- तारीख और स्थान: 3 जुलाई 2026, अस्ताना (कजाकिस्तान)
- वर्तमान परिस्थिति: SCO के राष्ट्राध्यक्षों की वार्षिक बैठक संपन्न हुई, जिसमें भारत के प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद विरोध और सुरक्षित व्यापार मार्गों पर जोर दिया। सदस्य देशों ने यूरेशियाई क्षेत्र में आर्थिक सहयोग बढ़ाने के लिए एक संयुक्त घोषणापत्र पर हस्ताक्षर किए।
- परीक्षा से जुड़े मुख्य बिंदु:
- SCO की स्थापना 2001 में हुई थी। इसका मुख्यालय बीजिंग, चीन में है।
- भारत और पाकिस्तान वर्ष 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने थे।
- SCO की आतंकवाद विरोधी शाखा को RATS (Regional Anti-Terrorist Structure) कहा जाता है।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: शुरुआत में यह ‘शंघाई-5’ के रूप में जाना जाता था, जिसमें मध्य एशियाई देशों की सीमा सुरक्षा मुख्य मुद्दा थी।
- प्रभाव और भविष्य: मध्य एशिया में भारत की ‘कनेक्ट सेंट्रल एशिया’ नीति के लिए यह मंच भू-राजनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।
4. 53वीं जीएसटी (GST) परिषद बैठक के प्रमुख निर्णय
- तारीख और स्थान: 30 जून 2026, नई दिल्ली
- वर्तमान परिस्थिति: केंद्रीय वित्त मंत्री की अध्यक्षता में हुई 53वीं माल और सेवा कर (GST) परिषद की बैठक में कर दरों को युक्तिसंगत बनाने और MSMEs के लिए अनुपालन नियमों को सरल बनाने पर सहमति बनी। कुछ चुनिंदा जीवन रक्षक दवाओं और विमानन क्षेत्र से जुड़े कुछ कलपुर्जों पर टैक्स की दरें कम की गई हैं।
- परीक्षा से जुड़े मुख्य बिंदु:
- जीएसटी परिषद एक संवैधानिक निकाय है, जिसका उल्लेख अनुच्छेद 279A में है।
- परिषद के अध्यक्ष केंद्रीय वित्त मंत्री होते हैं और राज्यों के वित्त मंत्री इसके सदस्य होते हैं।
- निर्णय लेने के लिए 3/4 (75%) बहुमत की आवश्यकता होती है।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत में 1 जुलाई 2017 को 101वें संविधान संशोधन अधिनियम के माध्यम से जीएसटी लागू किया गया था।
- प्रभाव और भविष्य: इन सुधारों से कर चोरी पर लगाम लगेगी और व्यापार सुगमता (Ease of Doing Business) सूचकांक में सुधार होगा।
5. आरबीआई की वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट (FSR) 2026
- तारीख और स्थान: 29 जून 2026, मुंबई
- वर्तमान परिस्थिति: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी द्विवार्षिक वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों का ग्रॉस एनपीए (GNPA) अनुपात गिरकर ऐतिहासिक निचले स्तर पर आ गया है, और बैंकों का पूंजी-जोखिम भारित आस्ति अनुपात (CRAR) मजबूत स्थिति में है।
- परीक्षा से जुड़े मुख्य बिंदु:
- FSR साल में दो बार (द्विवार्षिक) जारी की जाती है।
- NPA (Non-Performing Assets): वह ऋण जो 90 दिनों से अधिक समय तक अतिदेय रहता है।
- वित्तीय स्थिरता और विकास परिषद (FSDC) इस रिपोर्ट के मैक्रो-इकोनॉमिक पहलुओं की समीक्षा करती है।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: 2008 के वैश्विक वित्तीय संकट के बाद बैंकिंग प्रणाली की सेहत की निगरानी के लिए इस रिपोर्ट की नियमित शुरुआत की गई थी।
- प्रभाव और भविष्य: मजबूत बैंकिंग क्षेत्र भारत की आर्थिक विकास दर को गति देने और निजी निवेश को आकर्षित करने में मदद करेगा।
6. भारत-यूरोपीय संघ (EU) मुक्त व्यापार समझौता वार्ता का 9वां दौर
- तारीख और स्थान: 2 जुलाई 2026, ब्रसेल्स (बेल्जियम)
- वर्तमान परिस्थिति: भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के नौवें दौर की वार्ता आयोजित की गई। इस बैठक में मुख्य रूप से डिजिटल व्यापार, पर्यावरण मानकों (जैसे यूरोपीय संघ का कार्बन बॉर्डर टैक्स) और भारतीय पेशेवरों के लिए वीज़ा नियमों को आसान बनाने पर चर्चा हुई।
- परीक्षा से जुड़े मुख्य बिंदु:
- FTA (Free Trade Agreement): दो या दो से अधिक देशों के बीच व्यापार बाधाओं को कम करने का समझौता।
- यूरोपीय संघ (EU) 27 देशों का एक आर्थिक और राजनीतिक गुट है।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: भारत और ईयू ने आधिकारिक तौर पर 2007 में वार्ता शुरू की थी, जो 2013 में ठप हो गई थी और इसे 2022 में नए सिरे से शुरू किया गया।
- प्रभाव और भविष्य: यदि यह समझौता सफल होता है, तो कपड़ा, चमड़ा और आईटी क्षेत्र में भारतीय निर्यात को बड़ा बाजार मिलेगा।
7. भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) के तहत नए चिप असेंबली प्लांट को मंजूरी
- तारीख और स्थान: 1 जुलाई 2026, नई दिल्ली
- वर्तमान परिस्थिति: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत सेमीकंडक्टर मिशन के तहत एक नए सेमीकंडक्टर असेंबली और परीक्षण (ATMP) संयंत्र की स्थापना को मंजूरी दी है। यह नया प्लांट घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को गति देने और वैश्विक चिप आपूर्ति श्रृंखला में भारत की हिस्सेदारी बढ़ाने के उद्देश्य से स्थापित किया जा रहा है।
- परीक्षा से जुड़े मुख्य बिंदु:
- भारत सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) की शुरुआत इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY) के तहत की गई थी।
- सरकार इसके तहत वित्तीय प्रोत्साहन (प्रोत्साहन योजना) प्रदान करती है।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: वैश्विक स्तर पर चिप संकट के बाद भारत ने इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने के लिए 76,000 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ इस मिशन की घोषणा की थी।
- प्रभाव और भविष्य: इससे भारत की ताइवान और चीन जैसे देशों पर निर्भरता कम होगी और ऑटोमोबाइल व स्मार्टफोन उद्योग को मजबूती मिलेगी।
8. पोषण अभियान 2.0 की प्रगति और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण समीक्षा
- तारीख और स्थान: 3 जुलाई 2026, नई दिल्ली
- वर्तमान परिस्थिति: महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने ‘पोषण अभियान 2.0’ के तहत कुपोषण, स्टंटिंग (नाटापन) और एनीमिया (रक्तअल्पता) को कम करने के आंकड़ों की समीक्षा जारी की। रिपोर्ट के अनुसार, आकांक्षी जिलों में बच्चों और गर्भवती महिलाओं के पोषण स्तर में सकारात्मक सुधार देखा गया है।
- परीक्षा से जुड़े मुख्य बिंदु:
- पोषण (POSHAN – PM’s Overarching Scheme for Holistic Nourishment) अभियान।
- इसका उद्देश्य बच्चों, किशोरियों और गर्भवती महिलाओं में पोषण संबंधी कमियों को दूर करना है।
- कुपोषण के मानक: स्टंटिंग (उम्र के हिसाब से कम लंबाई) और वेस्टिंग (लंबाई के हिसाब से कम वजन)।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: राष्ट्रीय पोषण मिशन की शुरुआत प्रधानमंत्री द्वारा मार्च 2018 में झुंझुनू (राजस्थान) से की गई थी।
- प्रभाव और भविष्य: यह मानव पूंजी के विकास और सतत विकास लक्ष्य (SDG-2: भुखमरी की समाप्ति) को प्राप्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
9. डिजिटल रुपया (e-Rupee) का खुदरा क्षेत्र में विस्तार
- तारीख और स्थान: 28 जून 2026, मुंबई
- वर्तमान परिस्थिति: आरबीआई ने घोषणा की है कि सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) यानी डिजिटल रुपया (e₹-R) का उपयोग अब देश के प्रमुख मर्चेंट और यूपीआई (UPI) क्यूआर कोड के साथ पूरी तरह से इंटरऑपरेबल हो गया है। इसके चलते दैनिक खुदरा लेन-देन में इसके उपयोगकर्ताओं की संख्या में भारी उछाल आया है।
- परीक्षा से जुड़े मुख्य बिंदु:
- CBDC: केंद्रीय बैंक द्वारा जारी की जाने वाली डिजिटल मुद्रा है, जो देश की वैध मुद्रा (Fiat Currency) का ही डिजिटल रूप है।
- यह ब्लॉकचेन या डिस्ट्रीब्यूटेड लेजर टेक्नोलॉजी (DLT) पर आधारित है।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: आरबीआई ने 1 दिसंबर 2022 को खुदरा (Retail) और 1 नवंबर 2022 को थोक (Wholesale) डिजिटल रुपये का पायलट प्रोजेक्ट लॉन्च किया था।
- प्रभाव और भविष्य: इससे भौतिक मुद्रा की छपाई और प्रबंधन की लागत कम होगी और अर्थव्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ेगी।
10. प्रोजेक्ट चीता: कूनो नेशनल पार्क में नए शावकों का जन्म
- तारीख और स्थान: 30 जून 2026, श्योपुर (मध्य प्रदेश)
- वर्तमान परिस्थिति: वन्यजीव अधिकारियों ने मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में दक्षिण अफ्रीका से लाई गई मादा चीता द्वारा तीन स्वस्थ शावकों के जन्म की पुष्टि की है। इसे भारत में चीतों के पुनर्वास और जैव विविधता संरक्षण परियोजना की एक बड़ी सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
- परीक्षा से जुड़े मुख्य बिंदु:
- कूनो नेशनल पार्क: मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में स्थित है।
- प्रोजेक्ट चीता: यह दुनिया की पहली अंतर-महाद्वीपीय बड़े मांसाहारी जीव पुनर्वास परियोजना है।
- चीता को भारत में 1952 में आधिकारिक रूप से विलुप्त घोषित किया गया था।
- ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: सितंबर 2022 में नामीबिया से और बाद में दक्षिण अफ्रीका से चीतों को लाकर कूनो नेशनल पार्क में छोड़ा गया था।
- प्रभाव और भविष्य: यह पारिस्थितिकी तंत्र के संतुलन को बहाल करने और भारत में वन्यजीव पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में दीर्घकालिक सकारात्मक प्रभाव डालेगा।
- Read more
- BPSC/UPSC Corner

